हाम्रो स्वास्थ्य / हाम्रो चासो

  • जायफल ः एक उपयोगी फल
    –सन्ध्या चौबे (शर्मा), नेपालगञ्ज
    वर्ष २९, अंक ५५, २०६७ पुस ८ गते विहीवार, नेपाल सम्वत् ११३१ थि“लागा–२

    जायफल ः एक उपयोगी फल
    १) पत्थर पर पानी के साथे जयफलका घिस्केई कै लेप तैयार कय लेप इका पलक अउर आ“खी के चारों तरफ लगाए से आ“खी के रोशनी बढ्त है । 
     
    २) लगातार कुछ दिन तक ई लेप चेहेरा पर लगाएसे झाइया अउर दाग धब्वा आदि दुर करेम मद्दत करत है । 
     
    ३) बच्चेनका उपर से दूध पिलावयम पर यदि दूध पचत नहोय तो दूधमा आधा पानी मिलाएके उमा एक जयफल डालके उवाल देव । दुध थोरा ठण्डा कै के गुनगुना दूध पियाए से ई आसानी से हजम होई जात है । 
     
    ४) मालिश वाला तेलमा जायफल डाल के राखेसे, इके मालिश करे से बच्चेनका फोडा–पंmुसिया नहोई अउर ठंड भी नाय लागी । 
     
    ५) शरीर के जोडनमा दर्द, गठिया के अलावा चोट, मोच अउर पुराना सुजन के खातिर जायफल अउर सरसों के तेलका मिलायके मालिश करेसे आराम मिलत है । 
     
    ६) पेटमा दर्द है तो जयफल के तेल २–३ बूंद सख्खर (चिनी)का बतासामा मिलायके खाएसे जुरतै आराम मिलत है । 
     
    ७) दा“त के दर्द पर जायफल के तेलमा रुई के फाहा डुबोयके इका दा“त के वीचमा रक्खेसे दर्द दुर होई जात है । काहेसे जायफल के तेलमा दर्द कम करैम गुण होत है । तेल के ठण्डक प्रभावित हिस्सम का कुछ देर के खातिर सुन्न कै देत ही । यहीसे दर्द महसुस होत है । 
           –सन्ध्या चौबे (शर्मा), नेपालगञ्ज





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